Table of Contents
Zee Business News Par Views: L&T Finance का 5 साल का विज़न, क्रेडिट कॉस्ट, NIMs और Gold Loan बिजनेस पर पूरी जानकारी
Zee Business News के प्रमुख शो ‘News Par Views’ में L&T Finance के वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी की भविष्य की रणनीति, वित्तीय लक्ष्यों और बाजार में अपनी स्थिति को लेकर कई अहम खुलासे किए। यह इंटरव्यू भारत के वित्तीय बाजारों में निवेशकों और विश्लेषकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
L&T Finance का अगले 5 साल का विज़न क्या है?
L&T Finance ने आने वाले 5 वर्षों के लिए एक मजबूत और स्पष्ट विज़न तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य एक ‘रिटेल-फर्स्ट NBFC’ बनना है, जहाँ खुदरा ऋण का हिस्सा कुल पोर्टफोलियो का 80% से अधिक हो। Zee Business News पर दिए इंटरव्यू में कंपनी के MD & CEO ने बताया कि वे डिजिटल लेंडिंग, माइक्रो फाइनेंस और रूरल सेगमेंट पर विशेष ध्यान देंगे।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2029 तक उनका AUM (Assets Under Management) ₹2 लाख करोड़ से अधिक हो जाए। इसके अलावा, ROE (Return on Equity) को 15%+ के स्तर पर बनाए रखना भी प्राथमिकता में है।
रिटेल ट्रांसफॉर्मेशन की रणनीति
L&T Finance ने होलसेल लेंडिंग से बाहर निकलकर रिटेल सेगमेंट पर फोकस करने की रणनीति अपनाई है। इसमें फार्म इक्विपमेंट लोन, टू-व्हीलर लोन, होम लोन और पर्सनल लोन शामिल हैं।
क्रेडिट कॉस्ट को लेकर क्या हैं टार्गेट?
Zee Business News के मंच पर L&T Finance ने स्पष्ट किया कि कंपनी क्रेडिट कॉस्ट को 2.0%-2.5% के दायरे में रखने का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि वर्तमान में माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में कुछ दबाव देखा जा रहा है, लेकिन प्रबंधन का मानना है कि अगली दो तिमाहियों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
NPA प्रबंधन की रणनीति
कंपनी ने बताया कि वे अर्ली वॉर्निंग सिस्टम और एआई-बेस्ड क्रेडिट स्कोरिंग मॉडल के जरिए NPA को नियंत्रित रखने में सफल हो रहे हैं। यह रणनीति क्रेडिट कॉस्ट को लंबे समय तक कम रखने में मददगार साबित होगी।
असेट क्वालिटी पर कितना है दबाव?
L&T Finance के अनुसार, माइक्रोफाइनेंस इंस्टिट्यूशन (MFI) सेगमेंट में कुछ स्ट्रेस जरूर है, लेकिन यह इंडस्ट्री-वाइड समस्या है। कंपनी ने अपने MFI एक्सपोज़र को घटाने की योजना बनाई है और ज्यादा सिक्योर्ड लोन की तरफ कदम बढ़ा रही है।
Zee Business News पर विशेषज्ञों ने बताया कि GNPA रेशियो 3.5% के आसपास है, जिसे अगले दो वर्षों में 3% से नीचे लाने का लक्ष्य है। प्रोविज़निंग कवरेज को मजबूत रखकर कंपनी किसी भी अनिश्चितता के लिए तैयार है।
NIMs को लेकर क्या है आउटलुक?
Net Interest Margin (NIM) को लेकर L&T Finance का रुख सकारात्मक है। कंपनी का लक्ष्य NIM को 10%-11% के बीच बनाए रखना है। रिटेल लोन की बढ़ती हिस्सेदारी और डिजिटल चैनलों के जरिए लागत में कमी से NIMs में सुधार की उम्मीद है।
ब्याज दर परिवेश का असर
RBI के दर कटौती चक्र के बीच L&T Finance ने बताया कि उनके फ्लोटिंग रेट पोर्टफोलियो पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन फिक्स्ड रेट प्रोडक्ट्स इसे बैलेंस करेंगे। Zee Business के विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का NIM अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा।
Gold Loan बिजनेस में कितना है पोटेंशियल?
Gold Loan सेगमेंट को लेकर L&T Finance काफी उत्साहित है। Zee Business News पर अधिकारियों ने बताया कि भारत में Gold Loan का बाजार अभी भी बड़े पैमाने पर असंगठित क्षेत्र में है, और वहाँ बड़ा अवसर है।
कंपनी अपने Gold Loan पोर्टफोलियो को आने वाले 3 वर्षों में दोगुना करने की योजना बना रही है। डिजिटल गोल्ड लोन, डोरस्टेप सर्विस और क्विक अप्रूवल प्रोसेस के जरिए वे ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
Gold Loan की प्रतिस्पर्धा और रणनीति
Muthoot Finance और Manappuram जैसी कंपनियों से मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर L&T Finance ने कहा कि उनका ब्रांड ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और वाइड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क उन्हें अलग बनाता है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
Zee Business News पर L&T Finance के प्रबंधन ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि कंपनी दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित है। मजबूत पेरेंट ग्रुप, रिटेल ट्रांसफॉर्मेशन की सफल रणनीति और डिजिटल फोकस के साथ L&T Finance आने वाले वर्षों में मजबूत प्रदर्शन करने के लिए तैयार है।
कुल मिलाकर, Zee Business News पर यह इंटरव्यू L&T Finance के निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कंपनी की स्पष्ट रणनीति, सुदृढ़ प्रबंधन और विकास के अवसरों को देखते हुए यह स्टॉक मध्यम से दीर्घकालिक निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है।
